दोस्तों, अक्सर देखा जाता है कि बड़ी-बड़ी सरकारी योजनाएं शहरों तक ही सीमित रह जाती हैं,
लेकिन इस बार केन्द्र सरकार ने सीधे उन गांवों को टारगेट किया है जहां बुनियादी सुविधाएं आकसर आज भी नहीं पहुंचें हैं। उसे पहुँचाने के लिए बड़ा कदम उठाया है,
आज के इस लेख के माध्यम से मैं आपको सारी जानकारी दूंगा,केन्द्र सरकार द्वारा देश के पिछड़े और आदिवासी ग्रामीण इलाकों की तस्वीर बदलने के लिए।
साल 2026 में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है, जिसका नाम है PM जन जातीय उन्नत ग्राम अभियान (PM-JUGA)।
इस योजना को एक और नाम से भी जाना जाता है,
जिनका नाम है धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान योजना इस नाम से भी जाना जाता है।
अगर आप इंटरनेट पर इस ट्रेंडिंग स्कीम के बारे में जानकारी ढूंढ रहे हैं, तो बिलकुल सही जगह आए हो,
इस आर्टिकल में आपको इसके फायदे,और बजट पात्रता (Eligibility) और आवेदन की प्रक्रिया पूरी और सटीक जानकारी मिलेगी।आपको इस आर्टिकल में।
क्या है PM जन जातीय उन्नत ग्राम अभियान योजना?
इस योजना के तहत सुविधाएं और मुख्य फायदे (Key Benefits) क्या क्या है ?
* 25,000 किमी पक्की सड़कें: दोस्तों दूर-दराज से आदिवासी गांवों को आपके शहरों से जोड़ने के लिए 25,000 किलोमीटर तक की पक्की सड़कों का काम निर्माण किया जा रहा है।
1,000 ट्राइबल होमस्टे (रोजगार):
आदिवासी युवाओ को आगे बढाने के लिए, पर्यटन और कमाई को बढ़ावा देने के लिए सरकार 1,000 ट्राइबल होमस्टे बनाने के लिए आर्थिक मदद दे रही है, ताकि आदिवासी युवा खुद का बिजनेस शुरू कर सकें।
* बिजली और साफ पानी:
जल जीवन मिशन के माध्यम से हर घर तक साफ पीने का पानी और ग्रिड या सोलर पावर के माध्यम से फ़्री बिजली पहुंचाई जा रही है।
* 1,000 मोबाइल मेडिकल यूनिट :
डॉक्टरों की टीम और फ़्री दवाइयां पहुंचाई जा रही हैं। जिन इलाकों में अस्पताल दूर हैं, वहां गाड़ियों के जरिए पहुँचेगें,
मुख्य विवरण
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PM जन जातीय उन्नत ग्राम अभियान ( PM-JUGA)
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कुल लाभार्थी लगभग 5 करोड़ से अधिक लोग
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कुल आवंटित बजट ₹79,156 करोड़
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कितने गांवों को लाभ 63,843 आदिवासी गांव
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योजना के लिए पात्रता
केन्द्र सरकार ने इस योजना में लाभार्थियों के लिए नया नियम बिल्कुल साफ रखे हैं:
विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह जो आदिवासी समूह बहुत ज्यादा पिछड़े हैं, उन्हें इस योजना में सबसे पहली प्राथमिकता दी जाएगी।
आदिवासी आबादी:
यह योजना मुख्य रूप से उन्हीं गांवों में लागू की जा रही है जहां की आबादी कम से कम 500 हो और उसमें 50% या उससे ज्यादा लोग अनुसूचित जनजाति (ST) कैटेगरी के हों । बात करें तो झारखंड, पश्चिम बंगाल, असम, जैसी राज्य मे अधिक आदिवासी समुदायों के लोग रहते है, उनके लिए बहुत ही बड़ी खुश खबरी है।

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